हलाकि कभी किसी पुरस्कार अथवा इनाम के उद्देश्य से इन  चन्द छात्रो के समूह ने इस क्षेत्र में कदम नही रखा । पर हा एक विश्वास था एक अटल विश्वास की इस भारतवर्ष की वर्षो पुरानी मशीनी शिक्षा व्यवस्था को बदला जा सकता है और शायद ये सही राह पर है ।

हम बात कर रहे है The Igniters की , सत्यवती कालेज (दिल्ली विश्विद्यालय) में इस विचार का जन्म हुआ । चन्द छात्रो के समूह ने इस विचार पर काम करना शुरू किया ।

वो विचार क्या था ??

औद्योगिक क्रांति के बाद भारत की शिक्षा व्यवस्था रोजगार प्राप्ति व्यवस्  था बन गयी और धीरे धीरे , हमने शैक्षणिक मूल्यों को न ग्रहण कर , मस्तिष्क पर चीज़ों की छवि बनाकर उन्हें याद कर अच्छे अंक व अच्छी नौकरी हासिल करने का मार्ग बना लिया या ये कहे की बन गया ।

और इसका परिणाम यह हुआ की आज हमारे देश में बेरोजगारों ,हताश , असंतुस्ट , चिंतित , दबाव से पीड़ित युवाओ की एक लम्बी कतार खड़ी है । उसमे आलोचनात्मक विश्लेषण की कमी है । वो  innovation की बात नही करता है । उसे इंजीनियर डॉक्टर वकील कलेक्टर के आलावा विकल्प नजर नही आते । वो परेशान है वो शायद सोच भी नही पा रहा है

इन छात्रो के समूह ने यह समझा की दरअसल आज शिक्षा व्यवस्था में यह एक खालीपन है एक बड़ा खालीपन ।  किताब के बोझो के तले वो असल शिक्षा कही ओझल हो गयी है और नतीजन आज का युवा सर्वांगीण विकास से वंचित है ।लेकिन इस समस्या का समाधान हो सकता है अगर इनमे रचनात्मकता का गुण विकसित किया जाए । और ये गुण विकसित होगा कला से ।

रचनात्मक कला को प्रोत्साहित कर हम इस शैक्षिनिक क्रांति को ला सकते है ।

कौन सी कला?

कला से अभिप्राय है उस ज्ञान से है जो आप किसी पुस्तक से याद नही कर सकते हो अपितु यह नियमित अभ्यास से , कल्पना शक्ति को बढ़ाकर, कुछ नया करने के भाव को जागृत कर इसको सीख व् प्राप्त कर सकते हो ।  लेखन के क्षेत्र में फिर वो कविता लेखन हो , कहानी लेखन हो । अभिनय कला , जिसमे पटकथा लेखक , अभिनेता , निर्देशक जैसी भूमिका हो । फोटोग्राफी और न जाने क्या क्या ।

कला ही क्यों ?

युवाओ व् समूचे समाज की सारी समस्याओ का निदान है कला । दरअसल करियर के अथाह विकल्प के दरवाजे तो खोलता ही है , साथ में अगर आप इसे एक शौक के रूप में या ज़ुन्नुन के रूप में भी अपनी रोजमर्रा की ज़िंदगी में लेते हो तो आपमें रचनात्मक गुण व् मूल्य स्वतः विकसित होंगे निसन्देह । जो मदद करेगा आपके आलोचनात्मक चक्षु खोलने में , किसी भी समस्या को अनोखे ढंग से उसका समाधान निकालने में, और जन्म होगा एक नई सोच का। क्योकि जब आप लेखन , अभिनय , फोटोग्राफी करते हो तब आप यह किसी चीज़ को रट कर नही कर रहे होते हो ।  और जब आपने रटना बन्द कर सोचना व महसूस करना शुरू किया तब आपकी असल शिक्षा आरम्भ होती है और आरम्भ होता है नए समाज की आधारशिला का निर्माण ।

क्या करता है The Igniters ?? 

वर्तमान में The Igniters  की कार्य पद्धति कुछ ऐसी है की वह इस मशीनी शिक्षण व्यवस्था को दुरुस्त कर मनुष्य की शिक्षण व्यवस्था बनाने हेतु , कुछ ट्रेनर व् शिक्षक तैयार कर रहा है और आमन्त्रित भी कर रहा है । जो भारत की विभिन्न स्कूलो में जाकर वहा पर कला प्रोत्साहन कार्यक्रम करे ,और छात्रो को इससे जुड़े ।

 और  उन छात्रो में योग्य या क्षमतवान को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें उस क्षेत्र विशेस में शिक्षा हासिल करने का प्रोत्साहन भी देगा , और जो छात्र कला के क्षेत्र में करियर नही भी बनाना चाहते है वो कम से कम कला के क्षेत्र से जुड़े और अपनी कल्पना शक्ति का विकास कर सर्वांगीण विकास करे। साथ ही साथ नियमित अंतराल पर कला संगोस्थि , कविता पाठ/प्रस्तुति , का आयोजन कर अंकुरित आकांक्षी युवाओ को एक प्लेटफॉर्म एक माहौल एक सम्मान अपने स्तर पर प्रदान करने का सराहनीय प्रयास करता है ।

कितने कार्यक्रम हुए आयोजित ?

लेखन के क्षेत्र में   पुरे देश से कविताये मंगयी गई , उत्कृष्ट प्रविष्टियों को सम्मानित भी किया गया । साथ ही साथ रचनात्मक लेखन को बेहतर कैसे किया जाये उसको लेकर एक सेमिनार आयोजित किया गया साथ ही साथ सम्वाद भी । फिर फोटोग्राफर की एक सैर आयोजित हुई चांदनी चौक में जहाँ फोटोग्राफी की बारीकियां सबको समझायी गयी । फिर अभिनय कला को ध्यान में रखते हुए एक सेशन आयोजित हुआ थिएटर को लेकर जहा इस क्षेत्र के दिग्गजों ने ट्रेनिंग प्रदान की । और अपने स्तर पर The Igniters ऐसे मंच भी बनाता रहता है जहा कलाकार अपनी प्रस्तुति दुनिया को दिखा सुना सके ।

एक साल से कम समय में किया कमाल

बिना किसी अत्यधिक प्रचार प्रसार के The Igniters के फेसबुक पेज पर 8000 लाइक्स है । सत्यवती कालेज से उदित हुआ यह समूह आज न केवल सकल दिल्ली विश्विद्यालय बल्कि दिल्ली समेत देश विदेश में अपनी पकड़ बना रहा है । और हाल में ही 11 जुलाई 2017 को United nation की शाखा मानव शांति हेतु शिक्षक संघ के द्वारा दो पुरुस्कार प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया है –

1) National Youth Activism Award

2) Emerging Social Entrepreneur Award

साथ ही विदेश से कई आमन्त्रण भी प्राप्त हुए है । और हाल में ही  the Igniters ने एक कार्यक्रम नेपाल में भी आयोजित किया और अपने कदम मानव कल्याण की और दृढ़ता के साथ बढ़ाये ।

निस्वार्थ भाव से मानव समाज की सेवा का जो अनुपम दृष्टान्त The Igniters ने दिया है वो निश्चित तौर पर प्रेरणादायक और काफी कुछ सिखाने वाला है ।

अगर आप भी इससे जुड़ने या किसी भी तरह की सहायता व् सुझाव देना चाहते है तो ज़रूर visit करे |

Website- www.TheIgniters.in

Facebook Page- https://www.facebook.com/theignitersindia/

– Saurabh Dubey

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A Social Media geek who enjoys writing about youth and their life. Marketer by profession, Digital marketer by passion.

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